Who appoints the Comptroller and Auditor General of India?

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Aditya Patel asked 16-Sep-2019 in Law & Legal Issues by Aditya Patel

Who appoints the Comptroller and Auditor General of India?

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Aditya Patel answered 28 days ago by Aditya Patel

Comptroller and Auditor-General (CAG) of India

Who appoints the Comptroller and Auditor General of India?
  • According to, Article 148 of the Constitution of India - There shall be a Comptroller and Auditor-General (CAG) of India. Who shall be appointed by the Indian President by a warrant under his own signature and seal. And just as the Supreme Court Judge is relieved from the post, he will also be removed from the post in the same manner and on the same basis.
  • CAG heads the Indian Audit and Accounts Department. That department was created in 1753, during British Rule.
  • A Comptroller and Auditor-General (CAG) is appointed by the Indian President.
  • He shall only be removed from office in like manner and on the like grounds as a Judge of the Supreme Court.
  • A CAG holds office for a period of 6 years or up to the age of 65 years, whichever is earlier.
  • A CAG can resign any time from his office by addressing the resignation letter to the President.
  • Thus, like a judge of the Supreme Court, the grounds for removal are - proved misbehavior or incapacity.

If we review the CAG in the Indian Constitution, the addresses are Dr. B. R. Ambedkar said that the CAG shall be the most important officer under the Constitution of India because -

  • CAG is considered guardian of the public purse.
  • He controls the financial system at the Center and State level.
  • CAG is one of the pillars of the democratic system of Government in India.
  • The other pillars are - the Supreme Court, the Election Commission, and the Union Public Service Commission.

In Hindi

अनुच्छेद 148 - भारत के नियंत्रक-महालेखापरीक्षक

  1. भारत के एक नियंत्रक-महालेखापरीक्षक होगा जिसकेा राष्ट्रपति अपने हस्तााक्षर और मुद्रा सहित अधिपत्र द्वारा नियुक्त करेगा और उसे उसके पद से केवल उसी रीति से और उन्ही आधारों पर हटाया जाएगा जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यापयलय के न्यायाधीश को हटाया जाता है।
  2. प्रत्येक व्यक्ति जो भारत का नियंत्रक-महालेखापरीक्षक नियुक्त किया जाता है पदग्रहण करने से पहले राष्ट्रपति या उसके द्वारा इस निमित्त नियुक्त व्यक्ति के समक्ष तीसरी अनुसूची में इस प्रयोजन के लिए दिए गए प्रारूप के अनुसार शपथ लेगा या प्रतिज्ञान करेगा और उस पर अपने हस्ताक्षर करेगा।
  3. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक का वेतन और सेवा की अन्य शर्तें ऐसी होगी जो संसद, विधि द्वारा अवधारित करें और जब तक वे इस प्रकार अवधारित नहीं की जाती है तब तक ऐसी होगी जो दूसरी अनूसूची में विनिर्दिष्ट हैं: परन्तु न तो नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के वेतन में और न ही अनुपस्थिति छुट्टी पेंशन या निवृत्ति की आयु के संबंध में उसके अधिकारों में उसी नियुक्तिम के पश्चात उसके लिए अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
  4. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक, अपने पद पर न रह जाने के पश्चात या तो सरकार के या किसी राज्य की सरकार के अधीन किसी और पद का पात्र नहीं होगा।
  5. इस संविधान के और संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, भारतीय लेखापरीक्षा और लेखा विभाग में सेवा करने वाले व्यक्तियों की सेवा शर्तें और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक की प्रशासनिक शक्तियां ऐसी होगी जो नियंत्रक-महालेखापरीक्षक से परामर्श करने के पश्चात् राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए नियमों द्वारा विहित की जाए।
  6. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक के कार्यालय के प्रशसनिक व्यय, जिनके अंतर्गत उस कार्यालय में सेवा करने वाले व्यक्तियों को या उनके संबंध सभी में देय वेतन, भत्ते ओर पेंशन है, भारत की संचित निधि पर भारित होंगे।

(Internet Source --- https://cag.gov.in/hi/content/comptroller-and-auditor-general-india )